“आपको बहुत बहुत शुभकामनाएं आपका intention इतना अच्छा है आप सनातन के लिए हमारे धर्म के लिए इतना काम कर रही है
 definitely लोगों को बढ़ चढ़ के सहयोग करना चाहिए “

– Swati Mishra

₹ 501 की भावना या श्रद्धानुसार समर्पण हर ईंट श्याम बाबा का आशीर्वाद बनकर बरसेगा

हर ईंट – एक आशीर्वाद

हर स्तंभ – एक भावना

हर दीवार – एक भक्त की मनोकामना

हर सहयोग – श्याम बाबा तक पहुंचने वाला सेतु

हर दान – आपकी दृढ़ आस्था का प्रतिक

हर योगदान – आपके परिवार के लिए श्याम बाबा की असीम कृपा

जब आप देते है …..

श्याम बाबा उससे कही अधिक वापस लौटा देते है ।

आपका ₹501/- का छोटा सा दान भी ,उस महान धाम की नींव में एक स्थाई स्थान बना लेता है और जो अपनी श्रद्धा से अधिक अर्पित करना चाहे , श्याम बाबा उनकी भावना उनकी नियत और उनकी भक्ति को देख कर प्रश्न होते हैं ।

“संकल्प से सिद्धि तक” — राजयोग फाउंडेशन की साधना

राजयोग फाउंडेशन के लिए यह मंदिर निर्माण केवल एक परियोजना नहींबल्कि एक पवित्र संकल्प है जिसे हम भक्तों की आस्था और श्याम बाबा की कृपा से सिद्धि तक पहुँचाने का व्रत लेकर चल रहे हैं।

जिस दिन इस दिव्य धाम का संकल्प लिया गया, उसी दिन एक ऐसी यात्रा शुरू हुई जिसमें हर ईंट भक्ति बन गई, हर कदम सेवा बन गया, और हर सहयोग बाबा का आशीर्वाद बनकर जुड़ गया।

आज राजयोग फाउंडेशन उसी संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाने के लिए निष्ठा, पारदर्शिता और पूर्ण समर्पण के साथ श्याम धाम के निर्माण में रत है ताकि वह क्षण आए जब भक्त गर्व से कह सकें कि

“इस धाम की हर ईंट में हमारी आस्था और राजयोग का संकल्प समाया है।”

प्रतिदिन आरती का समय

शीतकालीन समय सारणी

 मंगला आरती= प्रातः 6:45
श्रृंगार आरती= प्रातः 8:30
योग आरती= दोपहर 12:45
संध्या आरती= सायंकाल 6:30
शयन आरती= रात्रि 8:30

ग्रीष्मकालीन समय सारणी

 मंगला आरती= प्रातः 6:00
श्रृंगार आरती= प्रातः 7:30
भोग आरती= दोपहर 12:45
संध्या आरती= सायंकाल 7:30
शयन आरती= रात्रि 9:45

ब्लॉग

भारत की भूमि सदियों से देवताओं, अवतारों और महापुरुषों की कथाओं से भरी हुई है। इन्हीं महापुरुषों में एक नाम है श्री खाटू श्याम जी, जिन्हें आज करोड़ों भक्त “कलियुग के देवता”, “श्याम बाबा” पुकारते हैं।

खाटू श्याम जी, जिन्हें हम कलियुग के देवता, हारे का सहारा और श्याम बाबा नाम से जानते हैं केवल एक धार्मिक स्वरूप नहीं हैं वे अविरल करुणा, दया, प्रेम और चमत्कारों के जीवंत प्रतीक हैं।

खाटू श्याम जी सिर्फ “हारे का सहारा” नहीं हैं, वे दर्द को संगीत में बदल देने वाले देवता हैं श्याम भजन, कीर्तन और संगीत में ऐसी शक्ति है कि थका हुआ मन खिल उठता है, रोता हुआ दिल मुस्कुरा उठता है जीवन मिल जाता है।

भारत अनेक तीर्थस्थलों का देश है, लेकिन खाटू श्याम बाबा का पवित्र दरबार अपने आप में बेहद खास है। लाखों भक्तों की आस्था और अनगिनत चमत्कारों के कारण इसे “निराला दरबार” कहा जाता है। 

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